April 10, 2026

भक्त – डा अनन्तराम चौबे अनन्त

राष्ट्रीय हिन्दी साहित्य मंच हमारीवाणी
साप्ताहिक प्रतियोगिता हेतु
विषय भक्त
नाम महाकवि डा अनन्तराम चौबे अनन्त जबलपुर मध्यप्रदेश
कविता … भक्त
https://www.hamarivani.in/2026/04/blog-post_38.html
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भक्त और भगवान के बीच
सारा सच भक्ति भावना आ गई।
शबरी की भक्ति को देखो
जूठे बेर खिलाती गई ।
भक्त की ऐसी भक्ति भावना
भक्त के साथ में हो गई ।
भक्ति कर लो राम नाम की
जीवन सफल हो जायेगा ।
सीताराम भजन करो
हर मुश्किल कट जायेगी ।
पत्थर की थी अहिल्याबाई
चरण के छूते तर गई भाई ।
राम नाम की ऐसी ही भक्ति
पत्थर भी पानी में तेरे भाई ।
जय श्रीराम का नाम  लेकर
कोई कार्य शुरू सब करते हैं ।
शबरी की कुटिया में जाकर
जूठे बेर शवरी के खाएं ।
श्रीराम के दर्शन पाकर ही
शवरी भी व्रह्मलीन हो गई
जात पात का भेद न करते
सारा सच मर्यादा में अपनी रहते
महाबली बजरंग बली भी
राम नाम की भक्ति करते ।
भक्ति से भगवान बने थे ।
ऐसे वो बजरंग बली थे ।
हनुमान जी श्री राम के
सबसे प्रिय भक्त ही थे ।
सीना चीर कर जब दिखाये
श्रीराम और सीता सीने थे ।
सियाराम के प्रिय भक्त थे ।
भक्ति का वो मार्ग चुने थे ।
बुद्धि विवेक दाता है
शिव अंश अवतारी है ।
राम काज में समर्पित हैं
सारा सच ऐसे वो हित कारी हैं ।
विभीषण भी राम भक्त थे
श्रीराम राम के कृपापात्र बने।
रावण की मृत्यु के बाद में
लंका के राजा भी बने ।
ईश्वर की जो भक्ति करता
मोक्ष भी वही पा जाता है ।
सारे दुख संकट दूर हो जाते
जीवन सफल हो जाता है ।
मां पार्वती ने शिव भक्ति करके
शिव शंकर को पति रूप में पाया ।
शिव शंकर की अर्धांगिनी बनकर
मां जगत जननी स्वरूप पाया  ।
 महाकवि डा अनन्तराम चौबे अनन्त
   जबलपुर म प्र

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