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समाधान – डॉ० उषा पाण्डेय ‘शुभांगी’

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समाधान – डॉ० उषा पाण्डेय ‘शुभांगी’
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जिंदगी और समस्या का है, चोली-दामन का साथ।
जब तक जिंदगी रहती,
समस्या नहीं छोड़ती हाथ।
पर ऐसी कोई समस्या नहीं, जिसका समाधान नहीं।
जहांँ समस्या है,
समाधान है वहीं।
जीवन पर्यंत समस्याएं,
साथ नहीं छोड़तीं।
कभी-कभी कई समस्याएंँ,
एक साथ धावा बोलतीं।
एक समस्या का समाधान होता नहीं, दूसरी समस्या मुँह बाये खड़ी मिलती है।
यह जिंदगी है यारों, चुनौतियां हमें स्वीकार करनी ही पड़ती हैं।
समस्या आने पर, रहते है दो ही विकल्प।
या तो समस्या से भागो, या समाधान खोजने का लो संकल्प।
जब समस्या विकट लगे, समाधान नहीं दिखे, थोड़ा धीरज धरो।
आँखें बंद करो, लम्बी सांँस लो, तनाव से खुद को मुक्त करो।
समस्या छोटी हो या बड़ी,
हाथ पर हाथ धरे रहने से काम नहीं चलेगा।
दिमाग के घोड़े को,
दौड़ाना ही पड़ेगा।
पहले समस्या की जड़ तक जाओ,
समस्या का खोजो कारण।
मन शांत रखकर सोचो,
कैसे होगा इसका निवारण।
संकट में ही तो हमें,
अपनी क्षमता का पता चलता है।
सोना तपता है,
तभी तो कुंदन बनता है।
इतिहास साक्षी है,
हमारे महापुरूषों ने कितनी समस्याओं का सामना किया।
मेहनत किया, समाधान खोजा,
विजय पताका फहरा दिया।
सकारात्मक सोच रखो, समाधान मिल जाएगा।
तुम्हारा अपना अनुभव आखिर, किस दिन काम आयेगा।
समस्याएं जीवन का अभिन्न अंग है,
जिंदगी के साथ-साथ चलती हैं।
ये समस्याएं ही कभी-कभी, हमारी जिंदगी में चमत्कार भी करती हैं।
समस्या कभी कह कर नहीं आती,
अचानक ही आती है।
आकर कभी-कभी, जोंक की तरह चिपक जाती हैं।
पर इस चिपके जोंक को,
हमें हटाना होगा।
हर समस्या का,
समाधान निकालना होगा।
कठिनाइयाँ, परेशानियाँ, बाधाएँ, समस्याएँ,
साथ नहीं छोड़तीं जीवन भर।
पर दृढ़ इच्छा शक्ति, सकारात्मक सोच, मेहनत से इन पर काबू पाएंगे हम, इन्हें नहीं हावी होने देंगे हम खुद पर।
डॉ० उषा पाण्डेय ‘शुभांगी’

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