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पर्यावरण संरक्षण – सुमन सोनी

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पर्यावरण संरक्षण – सुमन सोनी
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    सृष्टि के रखवाले आओ ओ सज्जन ,
    कर जोड़े सबको करती विनती सुमन।
    पर्यावरण की रक्षा कर हम सब मिल,
    चेतना भाव जग मे खूब जगायेंगे ।
    जो हुई गलती चलो उसे भूल जायेगे,
    माफ करेगी प्रकृति देगे उसका साथ हम।
    आगे सदा याद रखेगे कर्तव्य हमारे हम ,
    सब मिल शपथ ले आज रक्षा करेंगे हम।।
    अन्धे ,भूले,स्वार्थ के हम मानव,
    भूल गए हम जीवन के अहसासों को ।
    भौतिक सुख सजा जीवन में
    सजीवो की हत्या करते चले गए हम।।
     जकड़ा, देखो हमारी ही साँसों को
     कितना बेबस और लाचार हुए हम।।
     जिंदा है पेड़ हमारे सृष्टि हमे बताती है,
     फिर क्यों काट इनका देह जलाते है।।
      देखो उठती आज वेदना सब के मन में,
      देख धरा के तड़पते,बिलखते,सीने को ।
      उजड़ते,बिरान जंगल को बचा ले हम ,
      लालायित हैं ये भी जीवन जीने को ।।
      हम न सुधरे,और हाल रहा,यदि यही तो ,
      सच मानो प्रकृति ऐसा नाच दिखाएगी।
      हम भोग रहे जो भौतिकवादी सत्ता को,
      वो पल में ,तहस- नहस हो जायेगी ।।
      सदियों पुरखो से सुनते आये हम,
      है सजीव, ये पेड भी जो हमे बुलाते है ।
      फिर भी इन्हें दर्द दे काट- छाट कर हम,
      इनकी देह को दे तकलीफ जलाते है ।।
    नित प्रहार, धुआं,शोर, शराबा से ,
    हमको मिल इन सजीव को बचना होगा ।
    प्रदुषण,जल,ऑक्सीजन जग की कमी ,
    सबको मिल अब दूर दूर भगाना होगा ।।
    आज 5 जून विश्व पर्यावरण दिवस पर,
    हम सब जन मिल करे ये प्रण आज।
    जन जीवन जैव संरक्षण हम सदा करेंगे,
    फिर भविष्य में प्रकृति का प्रहार हम न सहेंगे  ।।
          जी हाँ हम सब मिल प्रकृति की रक्षा कर भारत माता की मान बढाएंगे……
🙏जय गुरु
स्वरचिय :—-
सुमन सोनी
 बिहार

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