साहित्य

 शीर्षक – जिंदगी कठिन है ।

शेयर करें:

शीर्षक – जिंदगी कठिन है ।

https://www.hamarivani.in/2026/08/blog-post_11.html

जिसके मन मंदिर बसे
                 वह कितना सुंदर होगा
जो सवेरे योग करे
                वह कितना निर्मल होगा
मन में कुछ भ्रम रहे
                   उसे मन से त्याग करें
सुबह सवेरे ध्यान से ही
                    शरीर को स्वस्थ करें
बड़े-बड़े ऋषि मुनि कहते हैं
              हृदय से इसे स्वीकार करें
दिल बिल्कुल निर्मल रहे
          सभी से प्यार – मोहब्बत करें
बड़े-बड़े योगी का भी कहना
                    परम ज्ञान इसी में है
करें योग मस्त रहें
                   परम त्याग इसी में है
 समय प्रति दिन व्यस्त रहेगा
                  इसमें कोई संदेह नहीं
 फिर भी कुछ समय निकालें
           योग करने से पीछे हटें नहीं
कहते हैं कवि ”  सुरेश कंठ “
          जिंदगी बहुत कठिन है प्यारे
ईश्वर को कभी भूलें नहीं
                  यही मूल मंत्र है हमारे
          —–   समाप्त   —–
 रचयिता – वरिष्ठ कवि सुरेश कंठ
       कोशी शिविर बथनाहा अररिया,

आगे क्या पढ़ें AI

अपनी राय रखें